आदित्य हृदय स्तोत्र – आदित्य हृदय स्तोत्र संपूर्ण पाठ (हिंदी)
आदित्य हृदय स्तोत्र ततो युद्धपरिश्रान्तं समरे चिन्तया स्थितम्। रावणं चाग्रतो दृष्ट्वा युद्धाय समुपस्थितम्।। दैवतैश्च समागम्य द्रष्टुमभ्यागतो रणम्। उपगम्याब्रवीद् राममगस्त्यो भगवांस्तदा।। राम राम महाबाहो श्रृणु गुह्मं सनातनम्। येन सर्वानरीन् वत्स समरे विजयिष्यसे।। आदित्यहृदयं पुण्यं सर्वशत्रुविनाशनम्। जयावहं…




