Friday, July 31, 2026
नवरात्रि के पांचवें दिन माँ स्कंदमाता की कथा
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नवरात्रि के पांचवें दिन माँ स्कंदमाता की कथा

नवरात्रि के पांचवें दिन भगवान कार्तिकेय की माता माँ स्कंदमाता की पूजा और उपासना का विशेष विधान है। इनके नाम का अर्थ ही इनकी महिमा को प्रकट करता है—'स्कंद' भगवान कार्तिकेय का एक नाम है…

नवरात्रि के छठे दिन (6th Day) माँ दुर्गा के ‘माँ कात्यायनी’ की कथा
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नवरात्रि के छठे दिन (6th Day) माँ दुर्गा के ‘माँ कात्यायनी’ की कथा

नवरात्रि के छठे दिन (6th Day) माँ दुर्गा के 'माँ कात्यायनी' स्वरूप की पूजा की जाती है। यह स्वरूप बहुत ही दिव्य, ओजस्वी और ममतामयी है।  यहाँ माँ कात्यायनी की सरल और सुंदर कथा दी गई…

नवरात्रि के चौथे दिन माँ कुष्मांडा की कथा , आरती
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नवरात्रि के चौथे दिन माँ कुष्मांडा की कथा , आरती

नवरात्रि के चौथे दिन माँ कुष्मांडा की पूजा और उपासना का विधान है। शास्त्रों में इन्हें आदि-शक्ति और सृष्टि की आद्य-स्वरूपा माना गया है, क्योंकि जब ब्रह्मांड का अस्तित्व नहीं था और चारों ओर केवल…

नवरात्रि के तीसरे दिन माँ चंद्रघंटा की संपूर्ण कथा
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नवरात्रि के तीसरे दिन माँ चंद्रघंटा की संपूर्ण कथा

नवरात्रि के तीसरे दिन माँ चंद्रघंटा की उपासना की जाती है। यह स्वरूप माँ पार्वती के विवाह के पश्चात का स्वरूप है। इनके मस्तक पर घंटे के आकार का अर्धचंद्र सुशोभित है, इसी कारण इन्हें…

नवरात्रि के द्वितीय दिवस माँ ब्रह्मचारिणी की विस्तृत और भक्तिपूर्ण कथा प्रस्तुत है:
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नवरात्रि के द्वितीय दिवस माँ ब्रह्मचारिणी की विस्तृत और भक्तिपूर्ण कथा प्रस्तुत है:

नवरात्रि के द्वितीय दिवस पर देवी के जिस स्वरूप की उपासना की जाती है, वह है— माँ ब्रह्मचारिणी। ब्रह्म: इसका अर्थ है 'तपस्या' (Tapas)। चारिणी: इसका अर्थ है 'आचरण करने वाली'। अर्थात जो तप का…

नवरात्रि के प्रथम दिन माँ दुर्गा के प्रथम स्वरूप ‘माँ शैलपुत्री’ माता की संपूर्ण कथा
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नवरात्रि के प्रथम दिन माँ दुर्गा के प्रथम स्वरूप ‘माँ शैलपुत्री’ माता की संपूर्ण कथा

नवरात्रि के पहले दिन माँ शैलपुत्री की पूजा की जाती है। "शैल" का अर्थ होता है पर्वत और "पुत्री" का अर्थ है बेटी। इसलिए माँ शैलपुत्री को पर्वतराज हिमालय की पुत्री कहा जाता है। ये…

आदित्य हृदय स्तोत्र – आदित्य हृदय स्तोत्र संपूर्ण पाठ (हिंदी)
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आदित्य हृदय स्तोत्र – आदित्य हृदय स्तोत्र संपूर्ण पाठ (हिंदी)

आदित्य हृदय स्तोत्र ततो युद्धपरिश्रान्तं समरे चिन्तया स्थितम्‌। रावणं चाग्रतो दृष्ट्वा युद्धाय समुपस्थितम्‌।। दैवतैश्च समागम्य द्रष्टुमभ्यागतो रणम्‌। उपगम्याब्रवीद् राममगस्त्यो भगवांस्तदा।। राम राम महाबाहो श्रृणु गुह्मं सनातनम्‌। येन सर्वानरीन्‌ वत्स समरे विजयिष्यसे।। आदित्यहृदयं पुण्यं सर्वशत्रुविनाशनम्‌। जयावहं…

महाबली कर्ण को भगवान श्री कृष्ण का जवाब – कर्ण भगवान कृष्ण से पूछता है –  “मेरे जन्म के समय ही मेरी माँ मुझे छोड़कर चली गई।
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महाबली कर्ण को भगवान श्री कृष्ण का जवाब – कर्ण भगवान कृष्ण से पूछता है – “मेरे जन्म के समय ही मेरी माँ मुझे छोड़कर चली गई।

महाभारत के स्थानीय संस्करण में कर्ण भगवान कृष्ण से पूछता है - "मेरे जन्म के समय ही मेरी माँ मुझे छोड़कर चली गई। क्या यह मेरी गलती है कि मैं एक नाजायज़ संतान के रूप…

Shari Shani Chalisa Lyrics in Hindi – Shanidev ji Maharaj ki jai
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Shari Shani Chalisa Lyrics in Hindi – Shanidev ji Maharaj ki jai

श्री शनि चालीसा (Shri Shanidev Chalisa Lyrics in Hindi) ॥ दोहा ॥ जय गणेश गिरिजा सुवन, मंगल करण कृपाल । दीनन के दुःख दूर करि, कीजै नाथ निहाल ॥ जय-जय श्री शनिदेव प्रभु, सुनहु विनय…

दुर्गा आरती व दुर्गा चालीसा- Devi MA Arti and Durga Chalisha
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दुर्गा आरती व दुर्गा चालीसा- Devi MA Arti and Durga Chalisha

दुर्गा आरती जय अम्बे गौरी मैया जय मंगल मूर्ति । तुमको निशिदिन ध्यावत हरि ब्रह्मा शिवजी ॥टेक॥ मांग सिंदूर बिराजत टीको मृगमद को । उज्ज्वल से दोउ नैना चंद्रबदन नीको ॥जय॥ कनक समान कलेवर रक्ताम्बर…