नवरात्रि के पांचवें दिन माँ स्कंदमाता की कथा
नवरात्रि के पांचवें दिन भगवान कार्तिकेय की माता माँ स्कंदमाता की पूजा और उपासना का विशेष विधान है। इनके नाम का अर्थ ही इनकी महिमा को प्रकट करता है—'स्कंद' भगवान कार्तिकेय का एक नाम है…
नवरात्रि के पांचवें दिन भगवान कार्तिकेय की माता माँ स्कंदमाता की पूजा और उपासना का विशेष विधान है। इनके नाम का अर्थ ही इनकी महिमा को प्रकट करता है—'स्कंद' भगवान कार्तिकेय का एक नाम है…
नवरात्रि के छठे दिन (6th Day) माँ दुर्गा के 'माँ कात्यायनी' स्वरूप की पूजा की जाती है। यह स्वरूप बहुत ही दिव्य, ओजस्वी और ममतामयी है। यहाँ माँ कात्यायनी की सरल और सुंदर कथा दी गई…
नवरात्रि के चौथे दिन माँ कुष्मांडा की पूजा और उपासना का विधान है। शास्त्रों में इन्हें आदि-शक्ति और सृष्टि की आद्य-स्वरूपा माना गया है, क्योंकि जब ब्रह्मांड का अस्तित्व नहीं था और चारों ओर केवल…
नवरात्रि के तीसरे दिन माँ चंद्रघंटा की उपासना की जाती है। यह स्वरूप माँ पार्वती के विवाह के पश्चात का स्वरूप है। इनके मस्तक पर घंटे के आकार का अर्धचंद्र सुशोभित है, इसी कारण इन्हें…
नवरात्रि के द्वितीय दिवस पर देवी के जिस स्वरूप की उपासना की जाती है, वह है— माँ ब्रह्मचारिणी। ब्रह्म: इसका अर्थ है 'तपस्या' (Tapas)। चारिणी: इसका अर्थ है 'आचरण करने वाली'। अर्थात जो तप का…
नवरात्रि के पहले दिन माँ शैलपुत्री की पूजा की जाती है। "शैल" का अर्थ होता है पर्वत और "पुत्री" का अर्थ है बेटी। इसलिए माँ शैलपुत्री को पर्वतराज हिमालय की पुत्री कहा जाता है। ये…
हाल के वर्षों में कई ईरानी खिलाड़ियों ने अपने देश में खेलते समय आने वाली सामाजिक और राजनीतिक चुनौतियों के बारे में खुलकर बात की है। उन्हीं में से एक नाम है ईरान की पूर्व…
रिसर्च (अनुसंधान): एक आसान गाइड 1. रिसर्च के प्रकार (Types of Research) - पूरे विस्तार से इसे हम 'काम करने के तरीके' के आधार पर 4 बड़े हिस्सों में बाँट सकते हैं: (A) बेसिक रिसर्च…
आदित्य हृदय स्तोत्र ततो युद्धपरिश्रान्तं समरे चिन्तया स्थितम्। रावणं चाग्रतो दृष्ट्वा युद्धाय समुपस्थितम्।। दैवतैश्च समागम्य द्रष्टुमभ्यागतो रणम्। उपगम्याब्रवीद् राममगस्त्यो भगवांस्तदा।। राम राम महाबाहो श्रृणु गुह्मं सनातनम्। येन सर्वानरीन् वत्स समरे विजयिष्यसे।। आदित्यहृदयं पुण्यं सर्वशत्रुविनाशनम्। जयावहं…
सुस्मित फाउंडेशन का यह स्पष्ट विश्वास है कि शिक्षा तक पहुँच केवल कक्षा तक सीमित नहीं होती, बल्कि उसके पहले एक लंबी और जटिल प्रक्रिया होती है—जिसका नाम है सही और पूर्ण दस्तावेज़ीकरण। हमारा अनुभव…
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